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श्री जयराम बह्मचर्य आश्रम, दिल्ली की भावी योजना
सन 1917 में यह आश्रम श्री हरि पुष्प जी महाराज शिष्य श्री जयराम जी महाराज ने
स्थापित किया था। जीर्ण शीर्ण अवस्था में होने के कारण अब इस स्थान का पूर्ण
जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
कई एकड़ों में फैला यह आश्रम बहुत जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। इसमें शैक्षिक
संस्थान, वेद विद्यालय, मन्दिर, चलचित्र- झांकिया आदि के निर्माण की योजना है।
यह आश्रम भी जन सेवार्थ एक विशाल स्वरूप लेने वाला है।
उद्देश्य एवं सेवाएँ
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गरीबों,
साधु संन्यासियों, छात्रों
को दोनों समय नि:शुल्क
भोजन।
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संस्था
में आये तीर्थ यात्रियों
के लिए नि:शुल्क आवास एवं
भोजन व्यवस्था करना ।
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वेद संस्कृत भाषा एवं भारतीय
संस्कृति का
प्रचार-प्रसार करना।
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रोगियों
तथा निर्धन लोगों की
नि:शुल्क चिकित्सा कर
कष्ट निवारण करना।
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गो-सेवा
हेतु गोशालाओं की स्थापना
तथा संचालन करना ।
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आध्यात्मिक शिक्षा, नैतिक
शिक्षा एवं योग शिक्षा
देना ।
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गरीब
कन्याओं का सामूहिक विवाह
करना।
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औषधि
एवं कृषि अनुसंधान करना । |
ये सभी संस्था के मुख्य उद्देश्य हैं, जिनकी पूर्ति के लिए हमारी कई संस्थाएँ अहर्निश समाज सेवा में संलग्न हैं ।
उत्कृष्ट सेवा भावना से श्री जयराम संस्थाओं ने
न केवल भारत में, अपितु विदेशों में भी उत्तम ख्याति अर्जित की है ।
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वर्तमान में कार्यरत श्री जयराम संस्थाएँ]
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