कुंभ  मेला 2010
 

हरिद्वार पवित्र तीर्थ स्थलों में एक ऐसा स्थान है जहां कुंभ का मेला आयोजित किया जाता है, यह विशाल मेला प्रत्येक बारहवें वर्ष में आयोजित होता है। इसी स्थान पर गंगा पहाड़ों से उतरकर मैदानी भाग में प्रवेश करती है। हरिद्वार का एक महत्वपूर्ण भौगोलिक और आध्यात्मिक महत्व है, जिस कारण इस शहर का नाम पवित्र स्थलों और पहाड़ों से अवतरित होने वाली नदी के स्रोत से जुड़ता है।

गंगा के मैदानी इलाकों के साथ-साथ उत्तराखंड के पर्वतों और वहां केपवित्र तीर्थ स्थलों को जाने के लिए यह शहर एक प्रमुख रेल और रोड जंक्शन भी है। 

पूर्ण कुम्भ मेला 2010 के मुख्य स्नान

1- 14 जनवरी 2010, बृहस्पतिवार मकर संक्रान्ति
2- 15 जनवरी 2010, शुक्रवार मौनी अमावस्या, सूर्यग्रहण स्नान
3- 20 जनवरी 2010, बुधवार बसन्त पंचमी
4- 30 जनवरी 2010 शनिवार माघ पूर्णिमा
5- 12 फरवरी 2010, शुक्रवार श्री महाशिवरात्रि स्नान-शाही स्नान
6- 15 मार्च 2010, सोमवार - सोमवती अमावस्था -शाही स्नान
7- 16 मार्च 2010, मंगलवार नवसंवतारंभ स्नान
8- 24 मार्च 2010, बुधवार श्रीरामनवमी स्नान
9- 30 मार्च 2010, मंगलवार चैत्र पूर्णिमा (श्री हनुमान जयन्ती)
10- 14 अप्रैल 2010, बुधवार मेष संक्रान्ति-शाही स्नान मुख्य स्नान पर्व
11- 28 अप्रैल 2010, बुधवार वैशास अधिमास पूर्णिमा स्नान

 

पद्मिनी नायके मेषे कुम्भराशि गते गुरौ
गंगाद्वारे भवेद् योग: कुम्भनामा तदोत्तम:

परम श्रद्धालू धर्मानुरागी भक्त गणों !

उपरोक्त कुम्भ योग गंगाद्वार हरिद्वार में मेष संक्रान्ति एवं कुम्भ राषि का बृहस्पति 14 अप्रैल, 2010 को हो रहा है, शास्त्रों में कुम्भ स्नान के पुण्य फल की महत्ता वर्णित है।

अश्वमेघ सहस्त्राणि वाजपेय षतानि च।
लक्षं प्रदक्षिणा भूमे: कुम्भ स्नाने तत्फलम।।

हजार अश्वमेध यज्ञ सौ वाजपेय यज्ञ एवं एक लाख पृत्वी की प्रदक्षिणा (परिक्रमा) से जो फल प्राप्त होता है, कुम्भ स्नान से इन सम्पूर्ण फलों की प्राप्ति होती है।

हरिद्वार में मेला पर्व पृथक्-पृथक् पुण्य पर्वो के स्नान के साथ 14 जनवरी 2010 से 14 अप्रैल 2010 तक चलेगा।

इन सभी पुण्य पर्वो पर स्नान, दान,जप,हवन, सन्त-महात्माओं की अन्न सेवा (भण्डारा) में सहयोग कर अपने आदि दैविक, आदि भौतिक एवं आध्यात्मिक त्रिविध तापों का शमन कर पुण्य अर्जित करें एउवं अपने जीवन को धन्य बनाये।

सम्वत्‌ 2067में होने वाले इस महाकुम्भ के पावन पर्व पर आपकी लोकसेवी संस्था श्री जयराम अन्नक्षेत्र ट्रस्ट, ऋत्रिकेश, श्री जयराम आश्रम, हरिद्वार मं विविध लोक हितकारी, सामाजिक एवं धार्मिक यज्ञानुष्ठान, सन्त महात्माओं की सेवा आदि के कार्यक्रम होंगे।

महाकुम्भ पर्व पर आप सपरिवार सादर आमन्त्रित है।

[ पूर्ण कुम्भ पर्व हरिद्वार पर
श्री जयराम आश्रम में होने वाले यज्ञानुष्ठानों का क्रम - ]

सहस्रचण्ड़ी महायज्ञ
चैत्र नवरात्र नव-संवतसर
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से श्रीरामनवमी तदानुसार
16 मार्च 2010 से 24 मार्च 2010


श्री हनुमान जयन्ती महोत्सव
(ऋषिकेश आश्रम में)
चैत्र शुक्ल पूर्णिमा
29 एवं 30 मार्च 2010, मंगलवार


श्री विष्णु महायज्ञ
शुद्ध वैशाख कृष्ण पक्ष सप्तमी से चतुर्दशी पर्यन्त
05 अप्रैल से 13 अप्रैल 2010 तक
दीक्षा पर्व समारोह
14 अप्रैल 2010
प्रवचन का कार्यक्रम

निवेदक-
ट्रस्टीगण,  ब्रहास्वरूप बह्मचारी

श्री जायराम आश्रम, हरिद्वार
दूरभाष:
01334-260251, 261735  टेलीफैक्स: 260334

 

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